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बाबा साहेब का संकेत

संकेत    था    तुम्हारा , समझ    गया     सारा

हर  पल   जहर  पीकर ,कल्याण  किया हमारा

बिन  बोले  ही  बताया , करके    हमें    इशारा

हम   तभी  बच  सकेंगे , जब  संसद हो हमारा

बाजू  में  संविधान की ,लेखन की  दम दिखाई

जिससे  हमारे  जीवन  की  ज्योति  रही समाई

शिक्षित  हों  संगठित  हों ,संघर्ष  का  कदम हो

समता के हक़ को छीने,जीने का दम हरदम हो  

हे  बोधिसत्व   बाबा  , ये   जिन्दगी    तुम्हारी

श्रृद्धा  सुमन  है अर्पित,  है  हर जनम आभारी

काल राक्षस ..

वर्णमाला